ट्वीपल्स को उनके ट्वीट-कर्म के आधार पर निम्न श्रेणियों में बाँट रहा हूँ -
1. कट्टर पंथी ट्वीपल: ये ऐसे लोग होते हैं जिन्हें अपनी वाल पर दूसरे की पोस्ट गंवारा नहीं होती। क्या मजाल किसी की जो इनकी दीवार को छू सके। ऐसी सेटिंग लगा देते हैं कि आप इनकी टीएल पर कुछ भी टैग, शेयर आदि नहीं कर सकते। परन्तु जब इनको कोई उपलब्धि बतानी होती है तो जबरदस्ती आपको टैग कर देते हैं। ये अपने से लोप्रोफाइल वाले ट्वीटर बाजों की पोस्ट पर कभी आरटी या कमेन्ट नहीं करते, हाँ ट्वीट बहुत अच्छा हुआ तो फेव करके रख लेगें ताकि भविष्य में कापी मारने के काम आए.. जबकि आपसे यह उम्मीद करते हैं कि इनकी घटिया से घटिया पोस्ट पर भी आप शानदार कमेन्ट और आरटी दें। जिससे इनकी गरिमा में श्री वृद्धि हो। ऐसा नहीं कि ये बिरादरी किसी की पोस्ट शेयर नहीं करती। करती है, अपने से हाई प्रोफाइल वालों की। उनके सम्मान में कसीदे गढ़ते हुए। ऐसे लोग प्रायः सामान्य जीवन नहीं जी पाते हैं।
2. उदार पंथी ट्वीटरबाज: ये उदार हृदय वाले लोग होते हैं जो दूसरे की पोस्ट को बिना किसी झिझक के अपनी टीएल पर शेयर कर लेते हैं। कमेन्ट करते हैं आरटी करते हैं। ऐसे लोग प्रायः साहित्यकार नहीं होते। इनको पब्लिक फीगर बनने की चाह भी नहीं होती। ये किसी गुट विशेष से ताल्लुक नहीं रखते। ये प्रायः सामान्य जीवन जीने वाले लोग होते हैं।
3. स्वार्थी ट्वीपल: ये आपकी पोस्ट को आरटी इसलिए नहीं करते कि आपकी पोस्ट बहुत बढ़िया है, बल्कि इसलिए कि आप भी इनकी पोस्ट को आरटी करें। यदि कुछ दिनों तक आपने रिस्पोंस नहीं दिया तो ये आपको अनफौलो भी कर सकते हैं।
4. छद्म ट्वीटरबाज: ये उँगलीबाल लोग होते हैं जो छद्म नामों से अपनी प्रोफाइल बनाते हैं फिर किसी गुट विशेष को निशाने पर लेते हुए उसकी भरसक आलोचना करते हैं। ऐसे ट्वीपल प्रायोजित भी होते हैं।
५. कापी-पेस्ट महाराज: ये वो ज्ञानी होते हैं जिनका सारा धंधा कापी पेस्ट पे ही चल रहा है, यहाँ आपने अच्छा ट्वीट किया वहाँ कापी हुआ और हाँ इन्हे मौलिक ट्वीट से ज्यादा आरटी भी मिलते हैं, ये प्रजाती ट्वीटर पे सर्वाधिक पायी जाती है...
६. फ्रेस ट्वीपल: ये New ज्वाइनी होते हैं ये आपको फालो करते हैं या नही भी करते हैं, और फेसबुक के मोहपास से बँधे होने के कारण,इन्हे आरटी नामक ज्ञान नही होता है तो फेव करके निकल लेते हैं.
एक बात जो सभी ट्वीटरबाजों मे समान है कि शायरीयाँ, कविताएँ और ज्ञान सभी ट्वीपल की टीएल पे मिलेगा..
मैं उपरोक्त में किस श्रेणी का ट्वीटरबाज हूँ यह निष्कर्ष मैं आपको क्यों बताऊँ? क्योंकि निष्कर्ष हमेशा खुद को परे रखकर ही दिया जाता है। अलबत्ता यह जरूर बताना चाहूँगा कि ट्वीटर ने मुझे बहुत कुछ दिया है तो काफी कुछ छीना भी है।
1. कट्टर पंथी ट्वीपल: ये ऐसे लोग होते हैं जिन्हें अपनी वाल पर दूसरे की पोस्ट गंवारा नहीं होती। क्या मजाल किसी की जो इनकी दीवार को छू सके। ऐसी सेटिंग लगा देते हैं कि आप इनकी टीएल पर कुछ भी टैग, शेयर आदि नहीं कर सकते। परन्तु जब इनको कोई उपलब्धि बतानी होती है तो जबरदस्ती आपको टैग कर देते हैं। ये अपने से लोप्रोफाइल वाले ट्वीटर बाजों की पोस्ट पर कभी आरटी या कमेन्ट नहीं करते, हाँ ट्वीट बहुत अच्छा हुआ तो फेव करके रख लेगें ताकि भविष्य में कापी मारने के काम आए.. जबकि आपसे यह उम्मीद करते हैं कि इनकी घटिया से घटिया पोस्ट पर भी आप शानदार कमेन्ट और आरटी दें। जिससे इनकी गरिमा में श्री वृद्धि हो। ऐसा नहीं कि ये बिरादरी किसी की पोस्ट शेयर नहीं करती। करती है, अपने से हाई प्रोफाइल वालों की। उनके सम्मान में कसीदे गढ़ते हुए। ऐसे लोग प्रायः सामान्य जीवन नहीं जी पाते हैं।
2. उदार पंथी ट्वीटरबाज: ये उदार हृदय वाले लोग होते हैं जो दूसरे की पोस्ट को बिना किसी झिझक के अपनी टीएल पर शेयर कर लेते हैं। कमेन्ट करते हैं आरटी करते हैं। ऐसे लोग प्रायः साहित्यकार नहीं होते। इनको पब्लिक फीगर बनने की चाह भी नहीं होती। ये किसी गुट विशेष से ताल्लुक नहीं रखते। ये प्रायः सामान्य जीवन जीने वाले लोग होते हैं।
3. स्वार्थी ट्वीपल: ये आपकी पोस्ट को आरटी इसलिए नहीं करते कि आपकी पोस्ट बहुत बढ़िया है, बल्कि इसलिए कि आप भी इनकी पोस्ट को आरटी करें। यदि कुछ दिनों तक आपने रिस्पोंस नहीं दिया तो ये आपको अनफौलो भी कर सकते हैं।
4. छद्म ट्वीटरबाज: ये उँगलीबाल लोग होते हैं जो छद्म नामों से अपनी प्रोफाइल बनाते हैं फिर किसी गुट विशेष को निशाने पर लेते हुए उसकी भरसक आलोचना करते हैं। ऐसे ट्वीपल प्रायोजित भी होते हैं।
५. कापी-पेस्ट महाराज: ये वो ज्ञानी होते हैं जिनका सारा धंधा कापी पेस्ट पे ही चल रहा है, यहाँ आपने अच्छा ट्वीट किया वहाँ कापी हुआ और हाँ इन्हे मौलिक ट्वीट से ज्यादा आरटी भी मिलते हैं, ये प्रजाती ट्वीटर पे सर्वाधिक पायी जाती है...
६. फ्रेस ट्वीपल: ये New ज्वाइनी होते हैं ये आपको फालो करते हैं या नही भी करते हैं, और फेसबुक के मोहपास से बँधे होने के कारण,इन्हे आरटी नामक ज्ञान नही होता है तो फेव करके निकल लेते हैं.
एक बात जो सभी ट्वीटरबाजों मे समान है कि शायरीयाँ, कविताएँ और ज्ञान सभी ट्वीपल की टीएल पे मिलेगा..
मैं उपरोक्त में किस श्रेणी का ट्वीटरबाज हूँ यह निष्कर्ष मैं आपको क्यों बताऊँ? क्योंकि निष्कर्ष हमेशा खुद को परे रखकर ही दिया जाता है। अलबत्ता यह जरूर बताना चाहूँगा कि ट्वीटर ने मुझे बहुत कुछ दिया है तो काफी कुछ छीना भी है।